हरियाणा में शीतलहर का अलर्ट, सरकार ने जारी की बचाव एडवाइजरी

उत्तर भारत में लगातार बढ़ रही सर्दी और संभावित शीतलहर को देखते हुए हरियाणा सरकार सतर्क हो गई है। इसी कड़ी में राज्य सरकार ने शीतलहर और पाले से बचाव को लेकर आम जनता और किसानों के लिए विस्तृत एडवाइजरी जारी की है। यह एडवाइजरी भारतीय मौसम विभाग (IMD) के दिशा-निर्देशों के अनुरूप तैयार की गई “शीतलहर कार्य योजना” के तहत लागू की गई है।
पिछले अनुभवों को देखते हुए जारी हुई चेतावनी
राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग की वित्तायुक्त एवं सचिव डॉ. सुमिता मिश्रा ने बताया कि जनवरी 2025 में चंडीगढ़, अंबाला, करनाल और हिसार सहित कई जिलों में शीतलहर का गंभीर असर देखा गया था। उन्होंने कहा कि वर्ष 2026 के पहले सप्ताह में भी इसी तरह की स्थिति बनती नजर आ रही है, जिसको देखते हुए पहले से एहतियाती कदम उठाए जा रहे हैं।
शीतलहर की परिभाषा क्या है?
भारतीय मौसम विभाग के अनुसार, जब मैदानी क्षेत्रों में न्यूनतम तापमान 10 डिग्री सेल्सियस या उससे कम और पहाड़ी इलाकों में तापमान शून्य डिग्री के आसपास पहुंच जाए, तो उसे शीतलहर की श्रेणी में रखा जाता है। ऐसे हालात में बुजुर्गों, बच्चों और बीमार लोगों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत होती है।
अंगीठी और कोयले के इस्तेमाल से बचने की सलाह
सरकार ने लोगों को बंद कमरों में कोयला या अंगीठी जलाने से सख्त परहेज करने की सलाह दी है। डॉ. सुमिता मिश्रा ने चेतावनी दी कि इससे कार्बन मोनोऑक्साइड गैस बनती है, जो जानलेवा साबित हो सकती है। इसके अलावा पालतू जानवरों, मवेशियों और घरेलू पशुओं को ठंड से बचाने के लिए उन्हें सुरक्षित और गर्म स्थानों पर रखने की सलाह दी गई है।



